धुंध सा छा रहा है, अंधेरा भी बढ़ रहा है,
बर्फ गिरने कि वो आलम का हम भी इंतज़ार कर रहे है,
जो जुबनो पे नहीं, मन में दौड़ रहे है.
अब तो बस उस हसीन पल का इंतज़ार कर रहे है !!!
.तापस सूत्रधर
बर्फ गिरने कि वो आलम का हम भी इंतज़ार कर रहे है,
जो जुबनो पे नहीं, मन में दौड़ रहे है.
अब तो बस उस हसीन पल का इंतज़ार कर रहे है !!!
.तापस सूत्रधर
I wrote it in the morning & it happens in the evening. Its simply magic..........
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