Sunday, 19 January 2014

हा याद है हमे वो पल..........


कुछ पल जो हमने साथ-साथ बिताए,
कुछ कदम हम जो साथ साथ चले,
दो-चार दिन जो साथ - साथ बिताए
ऊँची पहाडियोँ पे जो जाकर बैठे,
पुरानी मीठी यादें जो बाँटी
ऐसा जैसे कोई अपना सा लगे, 
दो दिल जैसे कुछ क़रीब आ गये, 
बहुत दिनों बाद कुछ ऐसा लगा,
उन सब पलों को कैद करने को जी चाहा,
पर कैद कब कौन किसी को कर पाया है,
अब तो बस वो पल ही याद बन के रह गये है !!!
                                        
                                                    -तापस सूत्रधर 

No comments:

Post a Comment